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Monday, May 23, 2011

नानी की चिठ्ठी-४

मेरे प्यारे चम्पू, पप्पू, टीटू, नीटू, गोलू, भोलू, किट्टी, बिट्टी ,
चिंकी, पिंकी, लीला, शीला, लवली, बबली

खुश रहो, स्वस्थ रहो और जुग-जुग जियो.

आज बबली के फोन से पता चला कि वह अपने स्कूल के साथियों के साथ दस दिनों का असाम टुअर लगा कर लौटी है. बड़ी खुश लग रही थी. न जाने कितनी बातें बता रही थी असाम के बारे में. ब्रह्मपुत्र का विशाल सौंदर्य, चाय बागानों की हरीतिमा, महा भैरव और भैरवी के मंदिर, नामेरी और काजीरंगा, नेशनल पार्क, ओरांग सेंक्चुअरी आदि...आदि.

भई, असाम की खूबसूरती है ही प्रशंसा की चीज. और असाम ही क्या अपना तो पूरा देश ही खूबसूरत है. पर असाम की बात चली है तो असाम की एक और मशहूर चीज बताती हूँ तुमको.
जानती हो क्या?
अरे, चाय नहीं शैतानों, मिर्ची.
तेजपुर की मिर्ची. नाम है भूत्जोलकिया.

तुम सोच रहे होगे, वाह, क्या नाम है भूत्जोलकिया. पर मेरे नन्हे-मुन्नो, इसी भूत्जोलकिया ने मेक्सिको की हॉट-हॉट मिर्ची "रेड सेविना हवानेरो" को टक्कर दे कर संसार में धूम मचा दी है.

अच्छा एक बात बताओ, मिर्ची में ऐसा क्या है जो जीभ पर रखी नहीं की सी-सी करता हुआ आदमी नाचने लगता है.
अच्छा चलो, मैं ही बताती हूँ. मिर्ची के अंदर बीजों से भरा जो सफ़ेद-सा धागा या टिशु होता है वही तो होता है सारे फसाद की जड़.
सबसे तेज, सबसे गर्म.

इस गर्म मिजाज़ मिर्ची का असर क्या होता है इसका एक और उदाहरण देती हूँ. छोटे बच्चों को जब किसी की नज़र लग जाती है तो घर में बड़ी-बूढ़ीं जिनमे माँ, नानी, दादी, बुआ कोई भी हो सकती है, पता है क्या करती हैं? शनिवार या इतवार को लाल मिर्ची जलाकर उनकी नज़र उतारती हैं. कहते हैं कि मिर्ची जलने की जितनी ज्यादा महक फैलती है उतनी ही जल्दी बच्चे की नज़र उतर जाती है. ऐसे टोटके तुम्हे आज के ज़माने में बेवकूफी भरे लगते होंगे पर हमारे सामाँजिक जीवन में इनकी अच्छी खासी घुसपैठ है. चलो, यह तो हुई टोटके की बात पर अब इसी तरह की एक वैज्ञानिक कोशिश का उदाहरण देती हूँ तुम्हे . और वह भी असाम का है.
किस्सा यूँ है की असाम में किसानो को अपने खेतों में जानवरों ,खासकर हाथियों के झुण्ड के घुस आने से काफी नुक्सान उठाना पड़ता था तो वहाँ के वैज्ञानिकों ने इस घुसपैठ को रोकने का ऐसा तरीका खोज निकाला जिसे सुन कर तुम्हे आश्चर्य होगा. उन्होंने असाम की इसी गर्म मिजाज़ मिर्ची भूत्जोल्किया को जला कर उसका धुआं फैलाना शुरू किया. बस, किसानों के लिए यही तेज धुआं सुरक्षा दीवार की तरह साबित हुआ. इस धुएं की वजह से हाथियों की घुसपैठ बिलकुल बंद हो गई. मज़े की बात यह है कि यह खबर जब साउथ अफ्रीका पहुंची तो वहाँ भी इस तरीके को सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया गया. अब असाम की यही गर्म मिजाज़ मिर्ची भारतीय सीमा को लांघ कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुकी है.

तो बबली बेटी, असाम की खूबसूरत चीजों में इस गर्म मिजाज़ मिर्ची का नाम जोड़ना मत भूलना. और सुन, तेरी लवली बहन किस्सा कहानी की फर्माइश कर रही है तो उससे कहना, " बेटा, वैसे तो मेरी हर चिठ्ठी में एक किस्सा होता है पर चलो अगली चिठ्ठी में कोई अच्छी-सी कहानी भी सुनाऊंगी. पर अभी तो इस नानी की आँखें नींद से भारी हो रही हैं. इसलिए तब तक के लिए शुभ-रात्रि.

तुम्हारी अपनी नानी

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