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Wednesday, May 25, 2011

नानी की चिट्ठी -६

मेरे प्यारे-प्यारे नन्हे मुन्नो!
जीते रहो और सब के प्रति निश्छल प्रेम भाव रखो.

आज सुबह का अखबार देखा तो पहली खबर पढते ही मन खराब हो गया. खबर थी फरीदाबाद में हुई विमान दुर्घटना की.
हो सकता है अब तक तुमने भी इसे पढ़ लिया होगा . वैसे तो अखबार में रोज कोई न कोई हादसे की खबर होती ही है पर इस समय मैं खबर पर कम खबर से बेचैन करने वाली उस अनुभूति के बारे में सोच रही हूँ जो दिनों दिन खत्म होती जा रही है. आम तौर पर आज आदमी संवेदना शून्य होता जा रहा है. मशीनी पुतले की तरह. कोई अच्छी बुरी खबर उसे विचलित नहीं करती जब तक कि वह खबर उससे या उसके बिलकुल निकटवर्ती प्रियजन से सम्बंधित न हो.क्या कभी तुम भी ऐसा ही महसूस करते हो? दूसरे के सुख में तो सहभागी सभी बनना चाहते हैं पर दुःख में कोई नहीं. यही जग की रीत है. अब तुम सोच रहे होगे कि नानी फिर नया फलसफा ले के बैठ गई. तुम्हारी नज़र में ही क्यों कभी-कभी मुझे खुद भी लगता है की मैं खामख्वाह दुखों को गले लगा के रखती हूँ जो कि अच्छी बात नहीं है.

इस सन्दर्भ में मैं एक बात तुम सबसे शेयर करना चाहती हूँ.फेसबुक पर मेरे एक युवा दोस्त राजेश तैलंग ने अमिताभ बच्चन के ट्विट्टर पर दिये गये एक सन्देश को शेयर किया है. बड़े ही काम का है ये सन्देश. लो तुम भी पढ़ो:

" एक joker ने लोगों को एक joke सुनाया तो सब लोग बहुत हँसे.
उसने वही joke दुबारा सुनाया तो कम लोग हँसे .
उसने वही joke फिर से सुनाया तो कोई भी नहीं हँसा.
फिर उसने एक बहुत ही प्यारी बात बोली -
" अगर तुम एक ख़ुशी को लेकर बार बार नहीं खुश हो सकते तो फिर एक ग़म को लेकर बार बार रोते क्यूँ हो ?"
(Tweeted by Mr. Bachchan)"

कई बार चलते-चलते ऐसे ही मतलब की बातें सामने आ जाती हैं जो सुनने में भी अच्छी लगती हैं और गुनने में भी.

तो अमित जी के इस सन्देश को तुम भी गुनो.

आज की बात मैं यहीं खत्म करती हूँ.

शुभाशीर्वाद सहित

तुम्हारी अपनी नानी

6 comments:

  1. आदरणीय रमेश तैलंग जी-नमस्कार -नानी की चिट्ठियां बहुत प्यारी और सार्थक रहीं सुन्दर संकलन बच्चन जी का भी

    कृपया अपने इस कोष को और बढ़ाएं

    शुक्ल भ्रमर ५

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  2. कृपया कमेंट बॉक्‍स से वर्ड वेरीफिकेशन हटा दें, उससे दिक्‍कत होती है। इसे हटाने के लिए ब्‍लॉग की 'सेटिंग' में जाएं और 'कमेंट्स' टैब में नीचे की ओर दिये ऑप्‍शन 'Show word verification for comments?' में 'नो' का चयन कर लें।

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  3. हटा दिया भाई. अज्ञानियों को ज्ञान देने के लिए आभार.

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  4. बहुत सही सीख है...
    बहुत अच्छा लगा पढ़कर...

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  5. धन्यवाद वीणा जी. आपकी सहृदय टिपण्णी से उत्साह बढ़ता है. आपकी प्रोफाइल देख कर प्रभावित हूँ. आप काफी कुछ पढ़ती-लिखती हैं. अच्छा लगा. सादर-रमेश तैलंग

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