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Sunday, June 12, 2011

नानी की चिठ्ठी -८

मेरे चिरंजीवो
सभी खुश रहो, स्वस्थ रहो, कर्मशील रहो .

आजकल लगता है तुम्हारी नानी को बुढापा कुछ ज्यादा ही परेशान कर रहा है. अब तुम्ही देखो ना मैंने तुमसे रोज एक चिठ्ठी लिखने का वादा किया था और अब मैं ही नागा पर नागा किये जा रही हूँ. ऐसा नहीं है कि मुझे तुम सबकी याद नहीं आती. सच तो ये है कि तुम सब के चेहरे मेरी आँखों के आगे सदैव घूमते रहते हैं. हाँ, थोडा मन उदास अवश्य जाता है. तब और ज्यादा जब किसी की हारी-बीमारी की खबर सुन लेती हूँ. कुछ ऐसी ही खबर अभी पिछले दो दिनों में सुन ली.

पता नहीं तुम सबने बच्चों की एक पत्रिका "सुना बहुनि" का नाम सुना है कि नहीं. यह पत्रिका उड़ीसा के बिजय मोहपात्र एक सौ से अधिक भाषाओँ में सम्पादित एवं प्रकाशित करते हैं. छरहरे बदन के सरल व्यक्तित्व वाले विजय मोहापात्र को उनके इस अद्वितीय कार्य के लिए अनेकों सम्मान और इनाम मिले हैं और उनका नाम लिम्का बुक्स ऑफ रिकोर्ड्स में भी दर्ज हुआ है.
विजय खुद बताते हैं कि उन्होंने इस पत्रिका के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और घरबार, पैसा सभी कुछ लगा दिया. इस ब्लॉग पर उनकी एक तस्वीर भी तुम देख सकते हो. विजय जितने सरल व्यक्ति हैं उतनी ही सरल उनकी पत्नी श्रीमती विजयलक्ष्मी हैं.

दुःख की बात यह है कि विजय आजकल पेट में हुए रेनल केंसर से गंभीर रूप से बीमार हैं और उनका इलाज़ कटक के आचार्य हरिहर रीजनल केंसर सेंटर में चल रहा है. इलाज बहुत मंहगा है और उसके लिए बहुत पैसे कि आवश्यकता है. विजय बहुत ही स्वाभिमानी व्यक्ति हैं और किसी के आगे हाथ फैलाना पसंद नहीं करते. कुछ सहृदय व्यक्ति उनकी सहायता के लिए आगे आ रहें हैं.

मैं तुम सब को यह समाचार सुना कर चिंता में नहीं डालना चाहती थी पर मैं यह भी जानती हूँ कि तुम सब इक्क्सीवीं सदी के बच्चे हो और हर दुःख, हर मुसीबत के पार जा सकते हो. साथ ही यह भी सच है कि रोग को दूर करने में दवा से ज्यादा दुआ काम करती है. तो हम इतना तो कर ही सकते हैं कि ईश्वर से हाथ जोड़ कर प्रार्थना करें कि वह विजय मोहापात्र को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे और वे जल्दी ही स्वस्थ हो कर अपने घर लौटें. सामूहिक प्रार्थना चमत्कारिक असर करती है, तो चलो, अपनी-अपनी जगह पर रहते हुए हम सब विजय के रोग निवारण हेतु प्रार्थना करें. ईश्वर सचमुच बड़ा दयालु है वह हम सबकी प्रार्थनाअवश्य सुनेगा.

शेष फिर,

तुम्हारी अपनी नानी

2 comments:

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    Greetings from Santa Marta, Colombia

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  2. Thanks Dear SM. I did visit your blog and found it quite interesting & informative as well. I wonder, if you liked my blog which is in Indian vernacular language-Hindi and primarily devoted to children below 14 years.

    Hope, this relationship will continue further. regards. r.t.

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