Translate

Sunday, September 25, 2011

सूर्य जैसे आसमान से..........





तीर जिस तरह कमान से निकलता है, निकलो.
सूर्य जैसे आसमान से निकलता है, निकलो.

लोगों को पता चले कि अब जगार हो गई
और सहने की हरेक हद भी पार हो गई
मेरे बच्चो! देर न करो, पुकार हो गई
आज की सुबह समझ लो यादगार हो गई
शब्द जैसे स्वाभिमान से निकलता है, निकलो.
सूर्य जैसे आसमान से निकलता है, निकलो.

ठूंठ हो गए जो पेड़ उनको भूल कर अभी
कर भरोसा अपने ही जवान खून पर अभी
बढ़ना होगा आगे रथ की डोरियों को थामने
मेरे बच्चो, अब चुनौतिया खड़ी हैं सामने
वीर जैसी आन-बान से निकलता है निकलो.
सूर्य जैसे आसमान से निकलता है, निकलो.


- रमेश तैलंग : 26-9-2011


चित्र सौजन्य: गूगल सर्च

No comments:

Post a Comment