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Friday, July 13, 2012

नाइजेरियन कहानी -अशरफ का उड़नखटोला -डॉ. फातिमा अकिलू


चित्र सौजन्य: केसवारिपब्लिक.बिज़ 

नाइजीरिया की प्रतिष्ठित लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. फातिमा अकिलू की एक बाल कहानी अशरफ का उड़नखटोला पिछले दिनों चकमक के अप्रैल २०१२ अंक में पढ़ी जिसका अनुवाद अरविन्द गुप्ता ने किया था . यह कहानी बच्चों की वैज्ञानिक अभिरुचि, उनकी नए आविष्कार करने की कोशिश एवं प्रतिभा को बड़े ही रचनात्मक ढंग से प्रोत्साहित करती है. इस ब्लॉग पर चकमक के संपादक श्री सुशील शुक्ल की मौखिक अनुमति उपरांत यहां साभार  पुनर्प्रकाशित किया जा रहा है. बड़े आकार में पढ़ने के लिए कृपया इस लिंक पर जाएँ: http://www.eklavya.in/chakmak/chakmak/Apr_12_Issue/pages/17_Ashraf_udankhatola.htm 
 
संक्षेप में मैं यहां बता दूं कि नाइजीरियायी लेखिका डॉ. फातिमा अकिलू बाल कथा लेखन उनकी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट : मिलेनियम डेवेलोपमेंट गोल्स के अंतर्गत चलाया जा रहे अनेक कार्यक्रमों जैसे बच्चों की प्राथमिक शिक्षा, गरीवी उन्मूलन, स्वास्थ्य और सफाई आदि का ही हिस्सा है. वे : मिलेनियम डेवेलोपमेंट गोल्स की संस्थापक है और अपनी कथापुस्तकों के द्वारा बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के उद्येश्य से अनेक तरह की प्रतियोगिताए भी आयोजित करती रहती हैं. उनके एक ऐसे ही प्रतियोगिता है -१०० पुस्तकें पढ़ो और इनाम पाओ. डॉ. अकिलू की कुछ बाल पुस्तकों के नाम और संक्षिप्त पुस्तक परिचय इस लिंक पर उपलब्ध है: http://cassavarepublic.biz/our-authors-mainmenu-100/100


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