Translate

Monday, July 9, 2012

कनाडा के बाल/किशोर-साहित्यकार -१ ल्यूसी माड मोंत्गोमेरी




३० नवंबर १८७४ को क्लिफटन (आज न्यू लंदन के नाम से प्रसिद्ध), प्रिंस एडवर्ड आयलैंड में जन्मी लूसी माड मोंत्गोमेरी कनाडा के

क्लासिक बाल साहित्यकारों में आज सबसे अग्रणी मानी जाती हैं. उन्होंने बच्चों के लिए २० से ऊपर उपन्यास तथा सैंकड़ों कहानियां/कविताएँ लिखीं और उनकी पहली ही कथा-कृति -एन्नी ऑफ ग्रीन गेबल्स जो १९०८ में प्रकाशित हुई, ने अपने पाठकों के बीच असाधारण सफलता प्राप्त की. एन्नी ऑफ ग्रीन गेबल्स की मुख्य पात्र एन्नी नाम की एक अनाथ बच्ची है. 

एन्नी के लोकप्रिय चरित्र को लेकर मोंत्गोमेरी ने इसी श्रंखला में आगे और भी अनेक उत्तर-कथाएं(sequels) रचीं जिन्होंने मोंत्गोमेरी को आर्थिक लाभ के साथ कनाडा के आधुनिक बालसाहित्य निर्माताओं के बीच अप्रतिम स्थान पर स्थापित .कर दिया.
मोंत्गोमेरी का बचपन ज्यादा सुखद नहीं रहा. जब वे २१ महीने की थीं तभी उनकी मां की मृत्यु हो गई . सात वर्ष की उम्र में उनके पिता भी 'प्रिंस अलबर्ट-सस्कशेवान' में जा बसे और मोंत्गोमेरी का लालन-पालन तथा शिक्षण उनके ननिहाल में हुआ. ननिहाल में भी उन्हें कड़े अनुशासन के अंदर जीवन गुजारना पड़ा. वे अकेलेपन की पीड़ा का शिकार हो गईं पर यही पीड़ा उनकी रचनात्मक शक्ति की उत्प्रेरक भी सिद्ध हुई. वे अपना ज्यादातर समय बच्चों के लिए नया-से नया लिखने और स्मरणीय चरित्र गढ़ने में गुजारती रहीं. विवाहोपरांत वे पारिवारिक तथा अपने पति की चर्च संबंधी जिम्मेदारियों को निभाती रहीं 

मोंत्गोमेरी की कुछ प्रमुख रचनाओं के नाम हैं: एन्नी ऑफ ग्रीन गेबल्स, एन्नी ऑफ अवोन्लिया, द स्टोरी ऑफ गर्ल, एन्नी'ज हाउस ऑफ ड्रीम्स,मेजिक फॉर मेरीगोल्ड, द ब्ल्यू केसल, अमोंग द शेडोज, आफ्टर मैनी देस आदि.

उत्कृष्ट लेखन के लिए मोंत्गोमेरी को अनेक सम्मान भी मिले जिनमे 'आर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर' (१९३५) प्रमुख है. इसके अलावा वे 'रोयल सोसायटी ऑफ आर्ट्स इन इंग्लैंड' की फेलो होने का सम्मान पाने वाली कनाडा की प्रथम महिला थीं. उनकी जन्मस्थली तथा ग्रीन गेबल्स से जुडे अनेक स्थानों को कनाडा की राष्ट्रीय ऐतिहासिक स्थलियों के रूप में मान्यता दी गई है जहां पर्यटकों का तांता लगा रहता है. मोंत्गोमेरी की ख्याति आज कनाडा ही नहीं बल्कि विश्व के सभी देशों में फैली हुई है और उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उनके कैवेंडिश वाले घर के पास एक राष्ट्रीय उद्यान का भी निर्माण हो चुका है. मोंत्गोमेरी की पार्थिव मृत्यु ६७ वर्ष की अवस्था में २४ अप्रैल १९४२ को टोरंटो-ओंटारियो में हुई पर वे अपनी रचनाओं के लिए पाठकों के बीच आज भी अमर हैं. उनकी अनेक रचनाएं/कृतियां व्यक्तिगत पठन-पाठन के लिए गुटेनबर्ग डॉट ऑर्ग पर निश्शुल्क उपलब्ध हैं.

pic.dredit: google

No comments:

Post a Comment