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Friday, October 19, 2012

ग्रेस निकोल्स का एक प्यारा-सा बाल गीत

1950 में गुयाना में जन्मी ग्रेस निकोल्स ने बच्चों के लिए बहुत ही प्यारे-प्यारे गीत लिखे हैं. उनका एक बाल गीत 'नानी..मेरे बालों में कंघी करो.' 'The Kingfisher Book of Children's Poetry' से यहां साभार दिया जा रहा है और उसके साथ मेरे द्वारा किया गया हिंदी रूपांतर भी प्रस्तुत है जो हिंदी भाषी बच्चों को रोचक और पठनीय लगेगा, ऐसी आशा है. कवियत्री का परिचय इन्टरनेट  पर मौजूद है जिसक, सन्दर्भ के लिए, लिंक भी नीचे दी जा रही है. यह एक गैरव्यावसायिक बिना किसी लाभ का मेरे व्यक्तिगत प्रयास है जो हिंदी भाषी बच्चों को विदेशी साहित्य से परिचित करने के लिए किया जा रहा है. आशा है इस रचना के स्वत्वाधिकार स्वामी इस प्रयास को इसी परिप्रेक्ष्य में ग्रहण करेंगे.

GRANNY GRANNY PLEASE COMB MY HAIR, 

GRANNY GRANNY 
PLEASE COMB MY HAIR,
YOU ALWAYS TAKE YOUR TIME,
YOU ALWAYS TAKE SUCH CARE,

PUT ME ON A CUSHION,
BETWEEN YOUR KNEES,
RUB A LITTLE COCONUT OIL,
PARTING GENTLE AS BREEZE,

MUMMY MUMMY,
SHE ALWAYS IN A HURRY HURRY RUSH,
SHE PULLS MY HAIRS,
SOMETIMES SHE TUGS,

GRANNY GRANNY,
YOU HAVE ALL THE TIME,IN THE WORLD,
AND WHEN YOU ARE FINISHED,
YOU ALWAYS TURN MY HEAD AND SAY,
NOW WHO'S A NICE GIRL?



नानी, मेरे बालों में कंघी करो

-ग्रेस निकोल्स

नानी मेरी नानी मेरी बात सुनो,
आओ मेरे बालों में कंघी करो

कंघी बड़े आराम से करती हो तुम
सच, मेरी परवाह करती हो तुम

घुटनों के बीच में तकिया लगा
प्यार से लेती हो मुझको बिठा 

मंद-मंद-मंद पवन चलती हो ज्यों 
नारियल का तेल सिर में मलती हो यों 

पर मेरी मम्मी को देखो जरा 
जल्दी में करती हर काम बुरा 

झटके से बाल मेरे खींच देती वो
उफ़ कितनी तकलीफ है देती वो

पर नानी हो तुम तो धीरज वाली 
कंघी भी करती हो प्याली-प्याली 

कंघी के बाद मेरा मुंह अपनी ओर कर 
पूछती हो-'कौन मेरी बिटिया से सुंदर?.'

-हिंदी रूपांतर- रमेश तैलंग 
20-10-2012 





Please go to this link for details about the Poetess:
http://literature.britishcouncil.org/grace-nichols

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