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Wednesday, February 6, 2013

मेरा आज का बाल गीत : 7 फरवरी, 2013





किताबों का मेला 

किताबों का मेला लगा है जहां पर
मेरा मन उड़ा जा रहा है वहां पर.

नहीं हैं बहुत ज्यादा गुल्लक में पैसे,
किताबों के मेले में पहुंचेंगे कैसे?
ज़रा ढूंढों पापा को, हैं वे कहां पर?

नहीं खाएंगे पानी-पूरी,पकोड़ी 
किताबें खरीदेंगे बस, चाहे थोड़ी,
रहेंगे उन्हें दोस्त अपना बना कर.

स्कूल के काम से जी भरेगा,
तो इनको भी पढ़ने का मन करेगा,
समय रखना होगा ही थोड़ा बचाकर.


चित्र सौजन्य: गूगल-एच.टी.








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